Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.111.54-55: वीर चित्रसेन भीष्म की रक्षा के लिए अपना पराक्रम दिखा रहे थे। हे भरत! उन्होंने चेकितान से युद्ध करने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा दी। इसी प्रकार चेकितान ने भी चित्रसेन की गति रोक दी। जब उन दोनों में भिड़ंत हुई, तो वहाँ घोर युद्ध आरम्भ हो गया। 54-55। | mahabharat अध्याय 6.111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीर चित्रसेन भीष्म की रक्षा के लिए अपना पराक्रम दिखा रहे थे। हे भरत! उन्होंने चेकितान से युद्ध करने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा दी। इसी प्रकार चेकितान ने भी चित्रसेन की गति रोक दी। जब उन दोनों में भिड़ंत हुई, तो वहाँ घोर युद्ध आरम्भ हो गया। 54-55।
The valiant Chitrasena was displaying his valour to protect Bhishma. O Bhaarat! He used all his might to fight with Chekitana. Similarly, Chekitana also stopped Chitrasena's movement. A great battle started there when both of them clashed. 54-55.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥