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mahabharat 6.111.41: कृतवर्मा ने द्रुपदपुत्र को पाँच लोहे के बाणों से बींध डाला और फिर तुरन्त ही उसे पचास बाण मारे और कहा - "खड़ा रह, खड़ा रह।" ॥41॥   |   mahabharat अध्याय 6.111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  6.111.41 
हार्दिक्य: पार्षतं चापि विद्‍ध्वा पञ्चभिरायसै:।
पुन: पञ्चाशता तूर्णं तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
कृतवर्मा ने द्रुपदपुत्र को पाँच लोहे के बाणों से बींध डाला और फिर तुरन्त ही उसे पचास बाण मारे और कहा - "खड़ा रह, खड़ा रह।" ॥41॥
 
Kritavarman pierced Drupada's son with five iron arrows and then immediately shot him with fifty arrows and said, "Stand, stand." ॥ 41॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)