Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.111.39: तत्पश्चात् वीर दुर्मुख ने हर्ष से गर्जना करते हुए रणभूमि के मुहाने पर अपने तीखे बाणों से भीमसेनपुत्र घटोत्कच को साठ बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 6.111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् वीर दुर्मुख ने हर्ष से गर्जना करते हुए रणभूमि के मुहाने पर अपने तीखे बाणों से भीमसेनपुत्र घटोत्कच को साठ बाणों से घायल कर दिया।
Then the brave Durmukha, roaring with joy, pierced Ghatotkacha, the son of Bhimasena, with sixty arrows at the mouth of the battle-field with his sharp-pointed arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥