Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.111.19: हे राजन! हे मनुष्यों के स्वामी! कम्बोजराज ने अभिमन्यु को बहुत से मुड़े हुए बाणों से घायल किया और फिर चौंसठ बाणों से उसे घोर चोट पहुँचाई।   |   mahabharat अध्याय 6.111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 111: कौरव-पाण्डवपक्षके प्रमुख महारथियोंके द्वन्द्व-युद्धका वर्णन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  6.111.19 
आर्जुनिं नृपतिर्विद्‍ध्वा शरै: संनतपर्वभि:।
पुनरेव चतु:षष्टॺा राजन् विव्याध तं नृप॥ १९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! हे मनुष्यों के स्वामी! कम्बोजराज ने अभिमन्यु को बहुत से मुड़े हुए बाणों से घायल किया और फिर चौंसठ बाणों से उसे घोर चोट पहुँचाई।
 
O King! O Lord of men! The Kamboja king wounded Abhimanyu with many arrows having bent ends and then shot him with sixty-four arrows and inflicted severe injuries on him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)