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mahabharat 6.110.8-9h: महाराज! भीष्म तक पहुँचने की इच्छा से चित्रसेन युद्धभूमि में गया और चेकितान का सामना इस प्रकार किया, जैसे व्याघ्र का बच्चा बैल का सामना कर रहा हो।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  6.110.8-9h 
चित्रसेनो महाराज चेकितानं समभ्ययात्॥ ८॥
भीष्मप्रेप्सुं रणे यान्तं वृषं व्याघ्रशिशुर्यथा।
 
 
अनुवाद
महाराज! भीष्म तक पहुँचने की इच्छा से चित्रसेन युद्धभूमि में गया और चेकितान का सामना इस प्रकार किया, जैसे व्याघ्र का बच्चा बैल का सामना कर रहा हो।
 
Maharaj! Desiring to reach Bhishma, Chitrasena went to the battlefield and faced Chekitana as if a tiger's cub was facing a bull. 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)