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mahabharat 6.110.40: तब दु:शासन ने दूसरा धनुष लिया और भीष्म के सामने खड़े होकर अर्जुन की भुजाओं और छाती में पच्चीस बाण मारे।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.110.40 
सोऽन्यत् कार्मुकमादाय भीष्मस्य प्रमुखे स्थित:।
अर्जुनं पञ्चविंशत्या बाह्वोरुरसि चार्पयत्॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
तब दु:शासन ने दूसरा धनुष लिया और भीष्म के सामने खड़े होकर अर्जुन की भुजाओं और छाती में पच्चीस बाण मारे।
 
Then Dushasan took another bow and standing before Bhishma, shot twenty-five arrows into Arjuna's arms and chest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)