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mahabharat 6.110.4: राजन! पार्थ की बात सुनकर धृष्टद्युम्न और सुभद्रापुत्र महारथी अभिमन्यु दोनों हर्ष और उत्साह से भरकर भीष्म की ओर दौड़े।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  6.110.4 
धृष्टद्युम्नस्तथा राजन् सौभद्रश्च महारथ:।
हृष्टावाद्रवतां भीष्मं श्रुत्वा पार्थस्य भाषितम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
राजन! पार्थ की बात सुनकर धृष्टद्युम्न और सुभद्रापुत्र महारथी अभिमन्यु दोनों हर्ष और उत्साह से भरकर भीष्म की ओर दौड़े।
 
King! On hearing Partha's speech, Dhrishtadyumna and Subhadra's son, the mighty warrior Abhimanyu, both filled with joy and enthusiasm, ran towards Bhishma.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)