Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.110.39: तत्पश्चात् अर्जुन ने तीन बाणों से दु:शासन का रथ और धनुष तोड़ डाला तथा आपके पुत्र को तीखे बाणों से बुरी तरह घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  6.110.39 
तस्य पार्थो धनुश्छित्त्वा रथं चास्य त्रिभि: शरै:।
आजघान तत: पश्चात् पुत्रं ते निशितै: शरै:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुन ने तीन बाणों से दु:शासन का रथ और धनुष तोड़ डाला तथा आपके पुत्र को तीखे बाणों से बुरी तरह घायल कर दिया।
 
Then Arjuna, with three arrows, shattered Dushasan's chariot and bow, and wounded your son severely with sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)