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mahabharat 6.110.37: तत्पश्चात्, क्रोधित होकर पाण्डुपुत्र अर्जुन ने दुःशासन को उसी प्रकार कष्ट देना आरम्भ कर दिया, जिस प्रकार अत्यन्त क्रोधित राहु पूर्णिमा के दिन पूर्ण चन्द्रमा को कष्ट देता है।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.110.37 
दु:शासनं तत: क्रुद्ध: पीडयामास पाण्डव:।
पर्वणीय सुसंक्रुद्धो राहु: पूर्णं निशाकरम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, क्रोधित होकर पाण्डुपुत्र अर्जुन ने दुःशासन को उसी प्रकार कष्ट देना आरम्भ कर दिया, जिस प्रकार अत्यन्त क्रोधित राहु पूर्णिमा के दिन पूर्ण चन्द्रमा को कष्ट देता है।
 
Thereafter, enraged, Pandu's son Arjuna began tormenting Dushasan in the same way as an extremely angry Rahu torments the full Moon on a full-moon day.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)