Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 6.110.36: जब आपके धनुर्धर पुत्र ने युद्ध में उसे अत्यन्त घायल कर दिया, तब महाधनुर्धर अर्जुन पुष्पित पलाश वृक्ष के समान शोभा पा रहा था। 36.   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  6.110.36 
सोऽतिविद्धो महेष्वास: पुत्रेण तव धन्विना।
व्यराजत रणे पार्थ: किंशुक: पुष्पवानिव॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जब आपके धनुर्धर पुत्र ने युद्ध में उसे अत्यन्त घायल कर दिया, तब महाधनुर्धर अर्जुन पुष्पित पलाश वृक्ष के समान शोभा पा रहा था। 36.
 
When your archer son wounded him severely in the war, the great archer Arjuna looked like a blooming Palaash tree. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)