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mahabharat 6.110.31-32h: महाराज! दुःशासन ने युद्ध में पाण्डु नन्दन अर्जुन को तीन बाणों से और वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण को बीस बाणों से घायल कर दिया। 31 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 31-32h
 
 
श्लोक  6.110.31-32h 
दु:शासनो महाराज पाण्डवं विशिखैस्त्रिभि:॥ ३१॥
वासुदेवं च विंशत्या ताडयामास संयुगे।
 
 
अनुवाद
महाराज! दुःशासन ने युद्ध में पाण्डु नन्दन अर्जुन को तीन बाणों से और वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण को बीस बाणों से घायल कर दिया। 31 1/2॥
 
Maharaj! Dushasana injured Pandu Nandan Arjuna with three arrows and Vasudevananand Shri Krishna with twenty arrows in the battle. 31 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)