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mahabharat 6.110.28-29h: जैसे समुद्र का किनारा समुद्र के उफनते जल को रोक लेता है, वैसे ही आपके पुत्र ने क्रोध में भरे हुए अर्जुन को रोक लिया।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 28-29h
 
 
श्लोक  6.110.28-29h 
यथा वारयते वेला क्षुब्धतोयं महार्णवम्॥ २८॥
तथैव पाण्डवं क्रुद्धं तव पुत्रो न्यवारयत्।
 
 
अनुवाद
जैसे समुद्र का किनारा समुद्र के उफनते जल को रोक लेता है, वैसे ही आपके पुत्र ने क्रोध में भरे हुए अर्जुन को रोक लिया।
 
Just as the shore of the sea holds back the turbulent waters of the ocean, similarly your son held back Arjuna who was filled with anger. 28 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)