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mahabharat 6.110.23-24h: अपने सेनापति के ये शब्द सुनकर महान पाण्डव योद्धा हर्ष से भरकर गंगापुत्र भीष्म के रथ पर चढ़ गये।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  6.110.23-24h 
इति सेनापते: श्रुत्वा पाण्डवानां महारथा:॥ २३॥
अभ्यद्रवन्त संहृष्टा गाङ्गेयस्य रथं प्रति।
 
 
अनुवाद
अपने सेनापति के ये शब्द सुनकर महान पाण्डव योद्धा हर्ष से भरकर गंगापुत्र भीष्म के रथ पर चढ़ गये।
 
Hearing these words from their commander, the great Pandava warriors, filled with joy, rushed upon the chariot of Bhishma, the son of the Ganges.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)