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mahabharat 6.110.11-12h: इसी प्रकार वीर नकुल भी अनेक बाणों की वर्षा कर रहे थे, किन्तु विकर्ण ने, जो भीष्म के प्राण बचाना चाहते थे, उन्हें रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 110: अर्जुनके प्रोत्साहनसे शिखण्डीका भीष्मपर आक्रमण और दोनों सेनाओंके प्रमुख वीरोंका परस्पर युद्ध तथा दु:शासनका अर्जुनके साथ घोर युद्ध  »  श्लोक 11-12h
 
 
श्लोक  6.110.11-12h 
तथैव नकुलं शूरं किरन्तं सायकान् बहून्॥ ११॥
विकर्णो वारयामास इच्छन् भीष्मस्य जीवितम्।
 
 
अनुवाद
इसी प्रकार वीर नकुल भी अनेक बाणों की वर्षा कर रहे थे, किन्तु विकर्ण ने, जो भीष्म के प्राण बचाना चाहते थे, उन्हें रोक दिया।
 
Similarly, the valiant Nakula was showering many arrows, but Vikarna, who wanted to save Bhishma's life, stopped them. 11 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)