श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.11.9 
जम्बूद्वीपप्रमाणेन द्विगुण: स नराधिप।
विष्कम्भेण महाराज सागरोऽपि विभागश:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! नरेश्वर! वह द्वीप विस्तार की दृष्टि से जम्बूद्वीप से दुगुना है। भरतश्रेष्ठ! उसका समुद्र भी उससे दुगुना है।
 
Maharaj! Nareshwar! That island is twice the size of Jambudweep in terms of expanse. Bharatshrestha! Its sea is also twice its size. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)