श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  6.11.40 
एतावदेव शक्यं तु तत्र द्वीपे प्रभाषितुम्।
एतदेव च श्रोतव्यं शाकद्वीपे महौजसि॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
महाराज ! उस महान् तेजस्वी शाकद्वीप के विषय में केवल इतना ही कहा जा सकता है और इतना ही सुनना चाहिए ॥40॥
 
Maharaj! Only this much can be said and only this much should be heard regarding that great shining Shakadweep. 40॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भूमिपर्वणि शाकद्वीपवर्णने एकादशोऽध्याय:॥ ११॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भूमिपर्वमें शाकद्वीपवर्णनविषयक ग्यारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)