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mahabharat 6.11.30: सभी जाति के लोग अपनी-अपनी जाति के अनुसार अपने-अपने कर्म करते हैं। वहाँ कोई चोर नहीं दिखाई देता। महाराज! उस द्वीप के निवासी दीर्घायु होते हैं और वृद्धावस्था तथा मृत्यु से मुक्त होते हैं। 30.   |   mahabharat अध्याय 6.11: शाकद्वीपका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  6.11.30 
वर्णा: स्वकर्मनिरता न च स्तेनोऽत्र दृश्यते।
दीर्घायुषो महाराज जरामृत्युविवर्जिता:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
सभी जाति के लोग अपनी-अपनी जाति के अनुसार अपने-अपने कर्म करते हैं। वहाँ कोई चोर नहीं दिखाई देता। महाराज! उस द्वीप के निवासी दीर्घायु होते हैं और वृद्धावस्था तथा मृत्यु से मुक्त होते हैं। 30.
 
People of all castes perform their duties as per their respective castes. No thief is seen there. Maharaj! The residents of that island enjoy long life and are free from old age and death. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)