vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 6: भीष्म पर्व
»
अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन
»
श्लोक 24
श्लोक
6.11.24
तेषां योजनविष्कम्भो द्विगुण: प्रविभागश:।
वर्षाणि तेषु कौरव्य सप्तोक्तानि मनीषिभि:॥ २४॥
अनुवाद
इन सभी पर्वतों का विस्तार दुगुना होता जा रहा है। कुरुपुत्र! ऋषियों ने कहा है कि इन पर्वतों के पास की दूरी सात वर्ष है।
The extent of all these mountains has been doubling. Son of Kuru! Wise men have said that the distance near these mountains is seven years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×