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mahabharat 6.11.16: वहाँ से बादल उत्पन्न होते हैं, फिर वे सर्वत्र फैल जाते हैं और जल बरसाने में समर्थ हो जाते हैं। उसके बाद जलधर नामक एक महान पर्वत है। 16.   |   mahabharat अध्याय 6.11: शाकद्वीपका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 11: शाकद्वीपका वर्णन  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.11.16 
ततो मेघा: प्रवर्तन्ते प्रभवन्ति च सर्वश:।
तत: परेण कौरव्य जलधारो महागिरि:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
वहाँ से बादल उत्पन्न होते हैं, फिर वे सर्वत्र फैल जाते हैं और जल बरसाने में समर्थ हो जाते हैं। उसके बाद जलधर नामक एक महान पर्वत है। 16.
 
Clouds originate from there, then they spread everywhere and become capable of raining water. After that, there is a great mountain called Jaldhar. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)