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mahabharat 6.109.36: उत्तरायण का आश्रय लेकर सूर्य के समान तेजस्वी महाबली भीष्म को कोई भी पाण्डव देख नहीं पा रहा था।   |   mahabharat अध्याय 6.109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.109.36 
न चैनं पाण्डवेयानां केचिच्छेकुर्निरीक्षितुम्।
उत्तरं मार्गमास्थाय तपन्तमिव भास्करम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उत्तरायण का आश्रय लेकर सूर्य के समान तेजस्वी महाबली भीष्म को कोई भी पाण्डव देख नहीं पा रहा था।
 
Taking shelter of Uttarayan, none among the Pandavas was able to look at the mighty Bhishma who was blazing like the Sun. 36.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)