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mahabharat 6.109.34-35: महाराज! दस हजार पराक्रमी हाथी, सवारों सहित, उतने ही घोड़े और घुड़सवार तथा दो लाख पैदल सैनिकों को पुरुषोत्तम भीष्म ने युद्धस्थल में धूम्ररहित अग्नि के समान भस्म कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार  »  श्लोक 34-35
 
 
श्लोक  6.109.34-35 
हत्वा दश सहस्राणि कुञ्जराणां तरस्विनाम्।
सारोहाणां महाराज हयानां चायुतं तथा॥ ३४॥
पूर्णे शतसहस्रे द्वे पादातानां नरोत्तम:।
प्रजज्वाल रणे भीष्मो विधूम इव पावक:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
महाराज! दस हजार पराक्रमी हाथी, सवारों सहित, उतने ही घोड़े और घुड़सवार तथा दो लाख पैदल सैनिकों को पुरुषोत्तम भीष्म ने युद्धस्थल में धूम्ररहित अग्नि के समान भस्म कर दिया।
 
Maharaj! Ten thousand mighty elephants along with their riders, the same number of horses and horsemen and two lakh infantry soldiers were blown away by the best of men, Bhishma, like a smokeless fire on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)