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mahabharat 6.109.13: वह सिंह के समान जोर से दहाड़ता हुआ, बार-बार धनुष की डोरी खींचता और बाणों की वर्षा करता हुआ, युद्धस्थल में मृत्यु के समान विचरण करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 6.109: भीष्म और दुर्योधनका संवाद तथा भीष्मके द्वारा लाखों सैनिकोंका संहार   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  6.109.13 
सिंहवद् विनदन्नुच्चैर्धनुर्ज्यां विक्षिपन् मुहु:।
शरौघान् विसृजन् पार्थो व्यचरत् कालवद् रणे॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वह सिंह के समान जोर से दहाड़ता हुआ, बार-बार धनुष की डोरी खींचता और बाणों की वर्षा करता हुआ, युद्धस्थल में मृत्यु के समान विचरण करने लगा।
 
Roaring loudly like a lion, the son of Kunti, he repeatedly pulled the string of his bow and showered showers of arrows, roaming about in the battle-field like death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)