श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  6.108.9 
केकया भ्रातर: पञ्च धृष्टकेतुश्च वीर्यवान्।
जघनं पालयामासु: पाण्डुसैन्यस्य भारत॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद पांचों भाई केकय और वीर धृष्टकेतु पांडव सेना के निचले भाग की रक्षा करने लगे।
 
After this the five brothers Kekaya and the valiant Dhrishtaketu began to protect the lower part of the Pandava army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)