श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  6.108.7 
ततो युधिष्ठिरो राजा यमाभ्यां सहित: प्रभु:।
प्रययौ सिंहनादेन नादयन् भरतर्षभ॥ ७॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् राजा युधिष्ठिर, नकुल और सहदेव के साथ अपनी गर्जना से सम्पूर्ण दिशाओं को गुंजायमान करते हुए युद्ध के लिए आगे बढ़े।
 
O best of the Bharatas! Thereafter King Yudhishthira along with Nakula and Sahadeva proceeded for the battle, making all directions resonate with their roar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)