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mahabharat 6.108.60: मैं युद्ध में लगे हुए समस्त पराक्रमी कौरवों को रणभूमि में आगे बढ़ने से रोक दूँगा। तुम पितामह भीष्म का वध करने का कार्य संपन्न करो।॥60॥   |   mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  6.108.60 
कुरूंश्च सहितान् सर्वान् युध्यमानान् महाबलान्।
निवारयिष्यामि रणे साधयस्व पितामहम्॥ ६०॥
 
 
अनुवाद
मैं युद्ध में लगे हुए समस्त पराक्रमी कौरवों को रणभूमि में आगे बढ़ने से रोक दूँगा। तुम पितामह भीष्म का वध करने का कार्य संपन्न करो।॥60॥
 
I will stop all the mighty Kauravas engaged in the war from advancing on the battlefield. You accomplish the task of killing Grandfather Bhishma.'॥ 60॥
 
इति श्रीमहाभारते भीष्मपर्वणि भीष्मवधपर्वणि भीष्मशिखण्डीसमागमे अष्टाधिकशततमोऽध्याय:॥ १०८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत भीष्मपर्वके अन्तर्गत भीष्मवधपर्वमें भीष्म और शिखण्डीका समागमविषयक एक सौ आठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १०८॥

[दाक्षिणात्य अधिक पाठका १/२ श्लोक मिलाकर कुल ६० १/२ श्लोक हैं।]
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)