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श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  6.108.6 
सात्यकिश्चेकितानश्च तेषां गोप्ता महारथ:।
धृष्टद्युम्नस्तत: पश्चात् पञ्चालैरभिरक्षित:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
सात्यकि और चेकितान भी उनके साथ थे। पांचाल योद्धाओं द्वारा संरक्षित, पराक्रमी योद्धा धृष्टद्युम्न उनके पीछे रहकर उन सभी की रक्षा कर रहे थे।
 
Satyaki and Chekitana were also with them. Protected by the Panchala warriors, the mighty warrior Dhrishtadyumna stayed behind them and protected them all.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)