श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 56
 
 
श्लोक  6.108.56 
अहं ते रक्षणं युद्धे करिष्यामि महाबल।
वारयन् रथिन: सर्वान् साधयस्व पितामहम्॥ ५६॥
 
 
अनुवाद
हे महारथी! इस युद्ध में मैं समस्त सारथियों को रोककर तुम्हारी रक्षा करूँगा। तुम अपने पितामह का वध कर सको।' 56.
 
O mighty warrior! In this war I will always protect you by stopping all charioteers. You accomplish the task of killing your grandfather.' 56.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)