Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.108.49: युद्ध में विजय हो भीष्मजी! आप अपनी इच्छानुसार मुझ पर आक्रमण करें या न करें; परंतु आज आप मेरे हाथों से जीवित बचकर नहीं निकल सकेंगे। अब इस संसार को अच्छी तरह देख लीजिए।॥49॥ | mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काममभ्यस वा मा वा न मे जीवन् प्रमोक्ष्यसे।
सुदृष्ट: क्रियतां भीष्म लोकोऽयं समितिंजय॥ ४९॥
अनुवाद
युद्ध में विजय हो भीष्मजी! आप अपनी इच्छानुसार मुझ पर आक्रमण करें या न करें; परंतु आज आप मेरे हाथों से जीवित बचकर नहीं निकल सकेंगे। अब इस संसार को अच्छी तरह देख लीजिए।॥49॥
Victory to the battle, Bhishmaji! You may attack me or not as per your wish; but today you will not be able to escape from my hands alive. Now take a good look at this world.'॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥