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श्री महाभारत
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पर्व 6: भीष्म पर्व
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अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना
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श्लोक 46
श्लोक
6.108.46
दिव्यश्च ते प्रभावोऽयं मया च बहुश: श्रुत:।
जानन्नपि प्रभावं ते योत्स्येऽद्याहं त्वया सह॥ ४६॥
अनुवाद
मैंने आपकी दिव्य शक्ति के बारे में अनेक बार सुना है। आपकी शक्ति को जानकर भी, मैं आज आपसे युद्ध करूँगा।' 46.
‘I have heard about your divine power many times. Even after knowing about your power, I will fight with you today. 46.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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