Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.108.43: अरे, तुम अपनी इच्छानुसार आक्रमण करो या न करो। मैं तुमसे किसी भी प्रकार युद्ध नहीं करूँगा। तुम वही शिखण्डिनी हो जिस रूप में विधाता ने तुम्हें उत्पन्न किया था।॥43॥ | mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काममभ्यस वा मा वा न त्वां योत्स्ये कथंचन।
यैव हि त्वं कृता धात्रा सैव हि त्वं शिखण्डिनी॥ ४३॥
अनुवाद
अरे, तुम अपनी इच्छानुसार आक्रमण करो या न करो। मैं तुमसे किसी भी प्रकार युद्ध नहीं करूँगा। तुम वही शिखण्डिनी हो जिस रूप में विधाता ने तुम्हें उत्पन्न किया था।॥43॥
Hey, you may attack or not as per your wish. I will not fight with you in any way. You are the same Shikhandini in the form in which the creator had created you.'॥ 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥