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mahabharat 6.108.37: प्रजानाथ! आपके पुत्र युद्धस्थल में अपने पितामह के कार्यों को देखकर अत्यन्त आश्चर्यचकित हो गये और उनकी बहुत प्रशंसा करने लगे॥37॥   |   mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  6.108.37 
तद् दृष्ट्वा समरे कर्म पुत्रास्तव विशाम्पते।
विस्मयं परमं गत्वा पितामहमपूजयन्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! आपके पुत्र युद्धस्थल में अपने पितामह के कार्यों को देखकर अत्यन्त आश्चर्यचकित हो गये और उनकी बहुत प्रशंसा करने लगे॥37॥
 
Prajanath! Your sons were extremely surprised to see the actions of their grandfather in the battlefield and started praising him profusely. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)