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mahabharat 6.108.30-31h: हे राजन! वे शस्त्र लेकर युद्धभूमि में पाण्डव पक्ष के पाँच श्रेष्ठ योद्धाओं को अपने बाणों से सावधानीपूर्वक भगाने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 30-31h
 
 
श्लोक  6.108.30-31h 
स पाण्डवानां प्रवरान् पञ्च राजन् महारथान्॥ ३०॥
आत्तशस्त्रो रणे यत्नाद् वारयामास सायकै:।
 
 
अनुवाद
हे राजन! वे शस्त्र लेकर युद्धभूमि में पाण्डव पक्ष के पाँच श्रेष्ठ योद्धाओं को अपने बाणों से सावधानीपूर्वक भगाने लगे।
 
King! Taking up arms, he began to carefully ward off the five best warriors of the Pandava side with his arrows on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)