श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  6.108.26 
संजय उवाच
आचक्षे ते महाराज यदकार्षीत् पिता तव।
पीडिते तव पुत्रस्य सैन्ये पाण्डवसृंजयै:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा, 'महाराज, मैं आपको वह सब बता रहा हूँ जो आपके चाचा भीष्म ने तब किया था जब आपके पुत्र की सेना को पांडवों और सृंजयों ने परेशान किया था।'
 
Sanjaya said, 'Maharaj, I am telling you everything that your uncle Bhishma did when your son's army was harassed by the Pandavas and the Srinjayas.' 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)