Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.108.25: हे भोले! शत्रुओं को पीड़ा देने वाले पराक्रमी भीष्म ने युद्धस्थल में सोमकों का संहार करते समय पाण्डवों पर किस प्रकार आक्रमण किया? वह भी मुझे बताओ॥ 25॥ | mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कथं वा पाण्डवान् युद्धे प्रत्युद्यात: परंतप:।
विनिघ्नन् सोमकान् वीरस्तदाचक्ष्व ममानघ॥ २५॥
अनुवाद
हे भोले! शत्रुओं को पीड़ा देने वाले पराक्रमी भीष्म ने युद्धस्थल में सोमकों का संहार करते समय पाण्डवों पर किस प्रकार आक्रमण किया? वह भी मुझे बताओ॥ 25॥
O innocent one! How did the valiant Bhishma, the tormentor of enemies, attack the Pandavas when he was killing the Somakas on the battlefield? Tell me all that as well.॥ 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥