श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.108.24 
धृतराष्ट्र उवाच
पीडॺमानं बलं दृष्ट्वा पार्थैर्भीष्म: पराक्रमी।
यदकार्षीद् रणे क्रुद्धस्तन्ममाचक्ष्व संजय॥ २४॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! युद्ध में कुन्तीपुत्रों द्वारा अपनी सेना को पीड़ित देखकर कुपित होकर वीर भीष्म ने क्या किया? यह बताओ।
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! What did the valiant Bhishma do when he became angry in the war after seeing his army being afflicted by Kunti's sons? Tell me this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)