श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  6.108.23 
त्रातारं नाध्यगच्छन्त तावका भरतर्षभ।
वध्यमाना: शितैर्बाणै: पाण्डवै: सहसृंजयै:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! पाण्डवों और सृंजयों के तीखे बाणों से घायल हुए आपके सैनिकों को कोई रक्षक नहीं मिला।
 
O best of the Bharatas! Your soldiers, who were wounded by the sharp arrows of the Pandavas and the Srinjayas, did not find any protector. 23.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)