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mahabharat 6.108.22: उन पराक्रमी योद्धाओं द्वारा चारों ओर से आक्रमण और पीछा किये जाने पर आपकी सेना सभी दिशाओं में भाग गयी।   |   mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  6.108.22 
ततस्तु तावकं सैन्यं वध्यमानं समन्तत:।
सुसम्प्राप्तं दश दिश: काल्यमानं महारथै:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
उन पराक्रमी योद्धाओं द्वारा चारों ओर से आक्रमण और पीछा किये जाने पर आपकी सेना सभी दिशाओं में भाग गयी।
 
Attacked and chased from all sides by those mighty warriors, your army fled in all directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)