श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  6.108.21 
ते वध्यमाना: समरे तावका भरतर्षभ।
नाशक्नुवन् वारयितुं पाण्डवानां महद् बलम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! आपके सैनिक युद्धभूमि में मारे जाने लगे। वे पाण्डवों की विशाल सेना को रोक नहीं सके।
 
O best of the Bharatas! Your soldiers started getting killed in the battleground. They could not stop the huge army of the Pandavas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)