श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  6.108.16 
दिवसे दिवसे प्राप्ते भीष्म: शान्तनवो युधि।
आसुरानकरोद् व्यूहान् पैशाचानथ राक्षसान्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
शान्तनुनन्दन भीष्म युद्ध के समय प्रतिदिन राक्षसों, पिशाचों और राक्षसों की व्यूह रचना करते थे ॥16॥
 
Shantanunandan Bhishma used to create arrays of demons, vampires and demons every day during the war. 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)