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mahabharat 6.108.10: इस प्रकार पाण्डवों ने अपनी विशाल सेना की व्यूह रचना की और प्राणों का मोह त्यागकर आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 6.108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 108: दसवें दिन उभयपक्षकी सेनाका रणके लिये प्रस्थान तथा भीष्म और शिखण्डीका समागम एवं अर्जुनका शिखण्डीको भीष्मका वध करनेके लिये उत्साहित करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  6.108.10 
एवं व्यूह्य महासैन्यं पाण्डवास्तव वाहिनीम्।
अभ्यद्रवन्त संग्रामे त्यक्त्वा जीवितमात्मन:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार पाण्डवों ने अपनी विशाल सेना की व्यूह रचना की और प्राणों का मोह त्यागकर आपकी सेना पर आक्रमण कर दिया।
 
In this manner the Pandavas formed the battle formation of their huge army and, abandoning the attachment for life, attacked your army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)