Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.107.d4-12: वे सोचने लगे कि हम भीष्म को कैसे मार सकेंगे और इस पृथ्वी को कैसे जीत सकेंगे। नरेश्वर! उस समय राजा युधिष्ठिर ने बहुत समय तक गुप्त रूप से षड्यन्त्र रचने के बाद वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण की ओर देखकर यह कहा- ॥12॥ | mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे सोचने लगे कि हम भीष्म को कैसे मार सकेंगे और इस पृथ्वी को कैसे जीत सकेंगे। नरेश्वर! उस समय राजा युधिष्ठिर ने बहुत समय तक गुप्त रूप से षड्यन्त्र रचने के बाद वसुदेवनन्दन भगवान श्रीकृष्ण की ओर देखकर यह कहा- ॥12॥
They started thinking that how will they be able to kill Bhishma and how will they conquer this earth. Nareshwar! At that time, King Yudhishthir, after conspiring in secret for a long time, looked towards Vasudevanandan Lord Shri Krishna and said this – 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥