Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.107.69-70: तब शान्तनुपुत्र भीष्म ने, जो पाण्डु के पिता तुल्य थे, पाण्डवों से इस प्रकार कहा - 'कुन्तीपुत्र! मेरे रहते तुम किसी भी प्रकार युद्ध में विजय प्राप्त नहीं कर सकते। हे सर्वज्ञ! मैं तुमसे यह सत्य कह रहा हूँ।' 69-70। | mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब शान्तनुपुत्र भीष्म ने, जो पाण्डु के पिता तुल्य थे, पाण्डवों से इस प्रकार कहा - 'कुन्तीपुत्र! मेरे रहते तुम किसी भी प्रकार युद्ध में विजय प्राप्त नहीं कर सकते। हे सर्वज्ञ! मैं तुमसे यह सत्य कह रहा हूँ।' 69-70।
Then Shantanu's son Bhishma, who was like a father to Pandu, said to the Pandavas thus - 'Kunti's son! As long as I am alive, you cannot win the war in any way. Omniscient! I am telling you this truth. 69-70.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥