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mahabharat 6.107.67-68h: तुमने युद्धभूमि में बाणों की वर्षा करके महान संहार किया है। मेरी विशाल सेना को तुमने युद्धभूमि में नष्ट कर दिया है।'   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 67-68h
 
 
श्लोक  6.107.67-68h 
वर्षता शरवर्षाणि संयुगे वैशसं कृतम्॥ ६७॥
क्षयं नीता हि पृतना संयुगे महती मम।
 
 
अनुवाद
तुमने युद्धभूमि में बाणों की वर्षा करके महान संहार किया है। मेरी विशाल सेना को तुमने युद्धभूमि में नष्ट कर दिया है।'
 
‘You have caused great destruction by showering arrows on the battlefield. My huge army has been destroyed by you in the battle field. 67 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)