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mahabharat 6.107.57: वे सब लोग अपने अस्त्र-शस्त्र नीचे रख कर भीष्म के शिविर में गये और शिविर में प्रवेश करके उन्होंने सिर झुकाकर भीष्म को प्रणाम किया।   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  6.107.57 
विमुक्तशस्त्रकवचा भीष्मस्य सदनं प्रति।
प्रविश्य च तदा भीष्मं शिरोभि: प्रणिपेदिरे॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
वे सब लोग अपने अस्त्र-शस्त्र नीचे रख कर भीष्म के शिविर में गये और शिविर में प्रवेश करके उन्होंने सिर झुकाकर भीष्म को प्रणाम किया।
 
All of them had put down their arms and armour. They went to Bhishma's camp and after entering it, they bowed their heads and saluted Bhishma. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)