Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.107.45-46h: मैंने भीष्मजी से एक शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि, 'मैं युद्ध में तुम्हारे हित के लिए तुम्हें सलाह तो दे सकता हूँ, लेकिन मैं किसी भी तरह तुम्हारी ओर से नहीं लड़ूँगा। मैं केवल दुर्योधन के लिए लड़ूँगा।' प्रभु! यह बिल्कुल सत्य है। 45 1/2। | mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने भीष्मजी से एक शर्त रखी है। उन्होंने कहा है कि, 'मैं युद्ध में तुम्हारे हित के लिए तुम्हें सलाह तो दे सकता हूँ, लेकिन मैं किसी भी तरह तुम्हारी ओर से नहीं लड़ूँगा। मैं केवल दुर्योधन के लिए लड़ूँगा।' प्रभु! यह बिल्कुल सत्य है। 45 1/2।
I have made a condition with Bhishmaji. He has said that 'I can give you advice for your benefit in the war, but I will not fight on your behalf in any way. I will fight only for Duryodhan.' Prabhu! This is absolutely true. 45 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥