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mahabharat 6.107.24: "केशव! यदि आप मुझ पर तथा मेरे भाइयों पर दया करते हैं, तो कृपया मुझे मेरे स्वधर्म के अनुसार कोई हितकर उपदेश दीजिए।" ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  6.107.24 
यदि तेऽहमनुग्राह्यो भ्रातृभि: सह केशव।
स्वधर्मस्याविरोधेन हितं व्याहर केशव॥ २४॥
 
 
अनुवाद
"केशव! यदि आप मुझ पर तथा मेरे भाइयों पर दया करते हैं, तो कृपया मुझे मेरे स्वधर्म के अनुसार कोई हितकर उपदेश दीजिए।" ॥24॥
 
"Keshav! If you have mercy on me and my brothers, then please give me some beneficial advice in accordance with my own religion." ॥24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)