Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.107.18: हे कृष्ण! ऐसी स्थिति में मैं अपनी बुद्धि की दुर्बलता के कारण युद्धभूमि में भीष्म को अपने सामने देखकर शोक के सागर में डूब रहा हूँ॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सोऽहमेवंगते कृष्ण निमग्न: शोकसागरे।
आत्मनो बुद्धिदौर्बल्याद् भीष्ममासाद्य संयुगे॥ १८॥
अनुवाद
हे कृष्ण! ऐसी स्थिति में मैं अपनी बुद्धि की दुर्बलता के कारण युद्धभूमि में भीष्म को अपने सामने देखकर शोक के सागर में डूब रहा हूँ॥ 18॥
Lord Krishna! In such a situation, due to the weakness of my intellect, I am drowning in the ocean of grief on seeing Bhishma in front of me on the battlefield.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥