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mahabharat 6.107.11: उस समय वे सभी महारथी योद्धा समयानुसार अपने कल्याण के प्रश्न पर शान्त मन से विचार करने लगे। वे सभी परामर्श करके निर्णय करने में कुशल थे॥11॥   |   mahabharat अध्याय 6.107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 107: नवें दिनके युद्धकी समाप्ति, रातमें पाण्डवोंकी गुप्त मन्त्रणा तथा श्रीकृष्णसहित पाण्डवोंका भीष्मसे मिलकर उनके वधका उपाय जानना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.107.11 
आत्मनि:श्रेयसं सर्वे प्राप्तकालं महाबला:।
मन्त्रयामासुरव्यग्रा मन्त्रनिश्चयकोविदा:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उस समय वे सभी महारथी योद्धा समयानुसार अपने कल्याण के प्रश्न पर शान्त मन से विचार करने लगे। वे सभी परामर्श करके निर्णय करने में कुशल थे॥11॥
 
At that time all those mighty warriors began to think with a calm mind about the question of their well-being according to the time. All of them were skilled in reaching a decision after consultation.॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)