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अर्जुन उवाच
शिखण्डी निधनं कृष्ण भीष्मस्य भविता ध्रुवम्।
दृष्ट्वैव हि सदा भीष्म: पाञ्चाल्यं विनिवर्तते॥ १०३॥
अनुवाद
अर्जुन ने कहा- श्रीकृष्ण! शिखण्डी ही अवश्य ही भीष्म की मृत्यु का कारण बनेगा; क्योंकि भीष्म सदैव उस पांचाल राजकुमार को देखते ही युद्ध से पीछे हट जाते हैं।
Arjun said- Shri Krishna! Shikhandi will definitely be the cause of Bhishma's death; Because Bhishma always withdraws from the war as soon as he sees that Panchal prince.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥