Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.106.77-78h: हे राजन! आपके चाचा देवव्रत ने पाण्डव योद्धाओं के प्राणों का उसी प्रकार हरण करना आरम्भ कर दिया, जैसे ग्रीष्म ऋतु में सूर्य अपनी किरणों से सबका तेज हर लेता है। | mahabharat अध्याय 6.106: भीष्मके द्वारा पराजित पाण्डवसेनाका पलायन और भीष्मको मारनेके लिये उद्यत हुए श्रीकृष्णको अर्जुनका रोकना । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राणानादत्त योधानां पिता देवव्रतस्तव॥ ७७॥
गभस्तिभिरिवादित्यस्तेजांसि शिशिरात्यये।
अनुवाद
हे राजन! आपके चाचा देवव्रत ने पाण्डव योद्धाओं के प्राणों का उसी प्रकार हरण करना आरम्भ कर दिया, जैसे ग्रीष्म ऋतु में सूर्य अपनी किरणों से सबका तेज हर लेता है।
O King! Your uncle Devavrata began taking the lives of the Pandava warriors in the same manner as the Sun takes away everyone's brightness through its rays during the summer season. 77 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥